April 22, 2026

फोनपे लेनदेन और व्हाट्सऐप संदेशों से उठे सवाल: फिंगेश्वर शिक्षा विभाग में कथित वसूली का मामला, जांच की मांग तेज

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गरियाबंद/फिंगेश्वर।
जिले के फिंगेश्वर विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक कथित वसूली मामला सामने आया है, जिसमें परीक्षा परिणाम एवं दस्तावेज (फर्द) तैयार करने के नाम पर स्कूलों से राशि लिए जाने के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डिजिटल साक्ष्यों—जिनमें फोनपे ट्रांजैक्शन और व्हाट्सऐप संदेश शामिल हैं—के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिंगेश्वर ब्लॉक के कई शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों से 150 से 300 रुपये तक की राशि लिए जाने की बात सामने आ रही है। कुछ निजी स्कूलों से भी राशि मांगने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

डिजिटल साक्ष्यों ने बढ़ाई गंभीरता

सोशल मीडिया पर प्रसारित स्क्रीनशॉट्स में कथित रूप से—

  • फोनपे के माध्यम से किए गए भुगतान
  • व्हाट्सऐप के जरिए साझा किए गए संदेश/निर्देश
  • संबंधित मोबाइल नंबर

दिखाई दे रहे हैं। इन तथ्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

मुख्य सवालों पर टिकी नजर

मामले के सामने आने के बाद कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं—

  • यदि कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ, तो यह निर्देश किसने दिए?
  • स्कूलों से राशि किसके कहने पर मांगी गई?
  • जिस मोबाइल नंबर पर भुगतान हुआ, वह किसका है?
  • क्या यह किसी संगठित तरीके से किया गया मामला है?

शिक्षकों ने उठाए सवाल

कुछ शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि परीक्षा एवं शैक्षणिक कार्यों के लिए शासन द्वारा पहले से बजट उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में अलग से राशि लेने की बात नियमों के अनुरूप नहीं लगती।

जिला शिक्षा अधिकारी का पक्ष

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) गरियाबंद से संपर्क करने पर उन्होंने बताया—

“पैसे लेने के लिए विभाग द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। यदि इस प्रकार की शिकायत सामने आती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।”

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि—

  • संबंधित मोबाइल नंबर एवं लेनदेन की जांच की जाए
  • दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई हो

प्रशासन की अगली कदम पर नजर

डिजिटल साक्ष्यों और विभागीय बयान के बाद यह मामला अब जांच के दायरे में आता दिख रहा है। ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।

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