February 15, 2026

बरमकेला में फर्जी पत्रकारों के खिलाफ सरपंचों का बिगुलअवैध उगाही पर कड़ा एक्शन की मांग, एसपी से की लिखित शिकायत

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सारंगढ़-बिलाईगढ़ /बरमकेला ब्लॉक में सरपंचों ने अवैध उगाही और तथाकथित फर्जी पत्रकारों के खिलाफ एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। सरपंच संघ बरमकेला ने पुलिस अधीक्षक, सारंगढ़ को लिखित शिकायत सौंपते हुए कड़ी कार्यवाही की मांग की है, ताकि अवैध उगाही पर रोक लगे और सच्चे पत्रकारों की छवि धूमिल न हो।
बताया गया कि ग्राम पंचायत करपी में निर्माणाधीन चेक डेम कार्य के दौरान तथाकथित पत्रकार दिनेश जायसवाल और सुनील टंडन पर अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। इसके साथ ही अजय साहू के नाम से भी शिकायत दर्ज कराई गई है। सरपंचों का कहना है कि बाहर से आए कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ में मानसिक प्रतााड़ना और धन उगाही कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
इस संवेदनशील विषय पर सरपंच संघ बरमकेला ने स्थानीय पत्रकारों को आमंत्रित कर सहमति और समर्थन भी लिया। बैठक में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के कार्यकारी जिलाध्यक्ष देवराज दीपक, जिलाध्यक्ष नरेश चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर चौहान, कबीर दास मानिकपुरी, शोभादास मानिकपुरी सहित अन्य स्थानीय पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि फर्जी पत्रकारों की वजह से निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारों की प्रतिष्ठा पर आंच आती है।

सरपंच संघ का स्पष्ट संदेश

जिलाध्यक्ष खगेश्वर रात्रे ने कहा,
“हम विकास कार्यों में पारदर्शिता चाहते हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में अवैध उगाही करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्यवाही की अपेक्षा है।”

ब्लॉक अध्यक्ष मोहन पटेल ने दो टूक शब्दों में कहा,

“सरपंच जनसेवा के लिए चुने जाते हैं, उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फर्जी पत्रकारों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।”

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति का समर्थन

जिलाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा,
“पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। कुछ तथाकथित लोग इसकी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।”

कार्यकारी जिलाध्यक्ष देवराज दीपक ने भी स्पष्ट कहा,

“हम निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के पक्षधर हैं। जो लोग पत्रकारिता के नाम पर अवैध उगाही कर रहे हैं, वे समाज और मीडिया दोनों के लिए कलंक हैं। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे तत्वों की पहचान कर कठोर कदम उठाए, ताकि सच्चे पत्रकारों का सम्मान बना रहे।”
सरपंच संघ ने प्रशासन से मांग की है कि शिकायत पर शीघ्र जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ लेकर अवैध उगाही करने का दुस्साहस न कर सके।
बरमकेला में उठी यह आवाज अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है।

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