September 27, 2026

किडनी मरीज विवाद: BMO पर बड़ी कार्रवाई

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जिला ब्यूरो चीफ  -ओंकार शर्मा

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“इंजेक्शन मांगना पड़ा भारी” खबर के बाद प्रशासन हरकत में, देवभोग BMO से हटाए गए डॉ. प्रकाश साहू

गरियाबंद/देवभोग-:सुपेबेड़ा के किडनी मरीज के परिजन को कथित रूप से धमकी देने और अभद्र व्यवहार के आरोपों से जुड़े मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के सामने आने और जनआक्रोश बढ़ने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग के प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. प्रकाश साहू को पद से हटा दिया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) गरियाबंद द्वारा 3 जून 2026 को जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रसारित खबर “इंजेक्शन मांगना पड़ा भारी, किडनी मरीज के परिजन को BMO की कथित धमकी, सुपेबेड़ा में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ फूटा आक्रोश” के परिप्रेक्ष्य में यह कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार डॉ. प्रकाश साहू से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग के खंड चिकित्सा अधिकारी का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस लेते हुए यह जिम्मेदारी अस्थायी रूप से डॉ. श्याम सुंदर गुप्ता को सौंपी गई है।

किडनी पीड़ितों की आवाज बनी कार्रवाई की वजह

गौरतलब है कि सुपेबेड़ा निवासी टंकधर आंडलिय ने अपनी किडनी पीड़ित पत्नी के लिए ब्लड बढ़ाने वाले इंजेक्शन की जानकारी मांगने पर बीएमओ द्वारा कथित अभद्र व्यवहार और धमकी दिए जाने की शिकायत प्रशासन से की थी। मामला सामने आते ही क्षेत्र में भारी नाराजगी देखने को मिली थी और सतनामी समाज ने भी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।

स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा संदेश

सुपेबेड़ा वर्षों से किडनी बीमारी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।

जनता बोली – अब मिले न्याय की उम्मीद

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह केवल एक अधिकारी को हटाने का मामला नहीं, बल्कि मरीजों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा विषय है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष तय किए जाएंगे ताकि भविष्य में किसी मरीज या परिजन को अपनी बात रखने पर अपमानित न होना पड़े।

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