RTI लगाओ, जवाब का इंतजार करो! पुसौर जनपद में सूचना नहीं मिलने से उठे सवाल 23 जुलाई को लगाया था RTI आवेदन, आज दिनांक बाद भी आवेदक के हाथ खाली — CEO बोले, “पोस्ट ऑफिस जाकर भेजा हूं”, लेकिन पत्र अब तक नहीं पहुंचा
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रायगढ़ पुसौर। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 आम नागरिक को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का अधिकार देता है। लेकिन जनपद पंचायत पुसौर में प्रस्तुत एक RTI आवेदन के मामले में आवेदक को निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद अब तक सूचना प्राप्त नहीं होने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार रितेश कुमार द्वारा 23 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत पुसौर में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन के बाद आवेदक को अब तक न तो मांगी गई जानकारी प्राप्त हुई और न ही जनसूचना अधिकारी की ओर से ऐसा पत्र मिला, जिससे स्पष्ट हो कि सूचना किस स्थिति में है।
इस संबंध में दूरभाष के माध्यम से चर्चा किए जाने पर जनपद पंचायत पुसौर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक गोस्वामी ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने स्वयं संबंधित पत्र/जानकारी पोस्ट करवाया है और कुछ दिनों में वह आवेदक तक पहुंच जाएगा।
लेकिन लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद भी पत्र या सूचना आवेदक तक नहीं पहुंची। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि पत्र वास्तव में डाक के माध्यम से भेजा गया है तो उसकी डाक रसीद, प्रेषण क्रमांक अथवा ट्रैकिंग विवरण क्या है? सूचना कब और किस पते पर भेजी गई? यदि पत्र भेजा जा चुका है तो आवेदक तक पहुंचने में इतना विलंब क्यों हो रहा है?
आवेदक के अनुसार मामले में आगे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में संबंधित अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क नहीं हो पाया। इससे पूरे प्रकरण को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब जांच और जवाबदेही जरूरी
RTI आवेदन पर सूचना उपलब्ध कराने अथवा नियमानुसार सूचना न दिए जाने की स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी संबंधित जनसूचना अधिकारी की है। इसलिए इस मामले में संबंधित उच्च अधिकारियों द्वारा मूल RTI आवेदन, डाक प्रेषण रसीद, डिस्पैच रजिस्टर और कथित रूप से भेजे गए पत्र की जांच कराई जानी चाहिए।
यदि सूचना वास्तव में भेजी गई है तो उसका प्रमाण सार्वजनिक किया जाए और यदि सूचना समय पर नहीं भेजी गई तो इसके कारणों की जांच कर नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जाए।
सवाल सीधा है—RTI का आवेदन दिया गया, जानकारी भेजे जाने का दावा भी किया गया, फिर आवेदक तक सूचना आखिर पहुंची क्यों नहीं? अब इस पूरे मामले में विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब जरूरी है।अखबार के बैनर के लिए यह लाइन ज्यादा असरदार रहेगी:
“RTI लगाओ… जवाब का इंतजार करो!”
पुसौर जनपद में सूचना का खेल?
23 जुलाई का आवेदन, 15 दिन बाद भी जानकारी गायब
CEO बोले—“पोस्ट कर दिया हूं”, आवेदक बोला—“मिला ही नहीं!”
डाक रसीद और डिस्पैच का सच सामने लाने की मांग
— सच का खुलासा न्यूज़
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