September 27, 2026

“अंबिकापुर कॉलेज के फेसबुक पेज पर विकृत भारत नक्शा – PoK और अक्साई चिन गायब, प्राचार्य पर देशद्रोह की गिर सकती है गाज?…”

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अंबिकापुर। जिले के स्थित Holy Cross Women’s College इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर गहन विवादों के घेरे में है। कारण है कॉलेज के आधिकारिक फेसबुक पेज पर प्रकाशित भारत का एक विकृत नक्शा, जिसमें अक्साई चिन और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को भारत का हिस्सा ही नहीं दर्शाया गया।

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यह घटना किसी साधारण लापरवाही से कहीं अधिक गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। जानकारी के अनुसार, यह विवादित नक्शा लगभग उन्नीस माह तक पेज पर मौजूद रहा। हाल ही में जब कॉलेज प्रशासन ने नई तस्वीरें अपलोड कीं, तो पुरानी तस्वीरों के साथ यह नक्शा पुनः सामने आ गया और देखते ही देखते विवाद भड़क उठा।

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भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने इसे राष्ट्रद्रोह की संज्ञा देते हुए गांधीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मिश्रा का कहना है – “कॉलेज की प्राचार्य शांता जोसेफ़ के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान और भारत माता का घोर अपमान है।”

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है और सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य के खिलाफ देशद्रोह व आईटी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

देशभर के प्रमुख उदाहरण: विकृत नक्शा और कानूनी कार्रवाई –

  • महाराष्ट्र, ठाणे (जनवरी 2025) : Garib Nawaz Moinuddin Chishti Committee द्वारा लगाए गए पोस्टर में PoK और अक्साई चिन को भारत से अलग दिखाया गया। तत्काल एफआईआर दर्ज की गई।
  • कर्नाटक, बेलगावी (दिसंबर 2024) : कांग्रेस के शताब्दी समारोह के पोस्टरों में गलत नक्शा प्रकाशित हुआ। भाजपा व जेडी(एस) ने इसे राष्ट्रीय अपमान बताया। कांग्रेस नेताओं को तत्काल पोस्टर हटाने पड़े।
  • केरल कांग्रेस (जुलाई 2025) : आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा नक्शे में जम्मू–कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया। भाजपा ने इसे सोची-समझी साजिश बताया। बाद में कांग्रेस ने गलती स्वीकार कर पोस्ट हटाया।
  • ट्विटर विवाद (जून 2021) : ट्विटर के करियर पेज पर प्रकाशित नक्शे में जम्मू–कश्मीर और लद्दाख भारत से बाहर दर्शाए गए। बजरंग दल ने देशद्रोह की शिकायत दर्ज की। भारी विरोध के बाद ट्विटर को नक्शा हटाना पड़ा।

भारत का नक्शा: केवल भूगोल नहीं, राष्ट्रीय अस्मिता : भारत का नक्शा केवल भौगोलिक सीमाओं का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय अस्मिता, संप्रभुता और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसे विकृत दिखाना भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और देशद्रोह कानून के अंतर्गत गंभीर अपराध है। भारत सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और प्रकाशनों को चेतावनी देती रही है कि भारत के नक्शे में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अस्वीकार्य है।

अंबिकापुर का यह विवाद अब किसी साधारण फेसबुक पोस्ट की गलती नहीं रहा। यह सवाल राष्ट्रीय अखंडता और कानून के कठोर अनुपालन का बन चुका है। जनता की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि—

  • क्या कॉलेज प्राचार्य शांता जोसेफ़ के खिलाफ देशद्रोह की सख्त कार्रवाई होगी?
  • या फिर यह मामला भी पूर्ववर्ती उदाहरणों की तरह दबा दिया जाएगा?

स्पष्ट है कि अंबिकापुर की यह घटना एक बार फिर देश को यह चेतावनी देती है कि – भारत का नक्शा राष्ट्र की अस्मिता है, इसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ देशद्रोह से कम नहीं।

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