September 27, 2026

विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोपों ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं।

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मग्गू सेठ की संपत्तियों की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं, और इसे Proceeds of Crime मानकर Enforcement Directorate (ED) और पुलिस से जांच की मांग की जा रही है।
क्या है मामला?
2009 से 2024 तक मग्गू सेठ पर हत्या, जबरन वसूली, और जमीन हड़पने जैसे संगीन अपराधों के आरोप हैं। इसके बावजूद, उनके पास प्रॉपर्टी, क्रेशर, और ट्रांसपोर्ट जैसे व्यवसायों में मजबूत पकड़ है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय की जमीनों को फर्जी रजिस्ट्री के जरिए हड़पने के मामले ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है। जानकारों का कहना है कि यह “Land Grab under disguise of Power” का स्पष्ट उदाहरण है।
Proceeds of Crime और कानूनी प्रावधान
Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत, कोई भी संपत्ति जो अपराध से अर्जित की गई हो, Proceeds of Crime मानी जाती है। ऐसी संपत्तियां, अगर अघोषित आय, फर्जी कंपनियों, या बेनामी नामों पर खरीदी गई हों, तो ED द्वारा जब्त की जा सकती हैं। इसके अलावा, Benami Transactions Act के तहत बेनामी संपत्तियों पर भी कार्रवाई संभव है।
शक की वजहें

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  1. लंबा आपराधिक इतिहास: मग्गू सेठ का 15 सालों से अपराधों में सक्रिय होना, लेकिन घोषित आय का अभाव।
  2. जमीन हड़पने का खेल: आदिवासी समुदाय की जमीनों को फर्जी तरीकों से कब्जाने के आरोप।
  3. अधिकारियों से सांठगांठ: मिलीभगत के जरिए benami transactions और asset shielding की आशंका।
    क्या हो सकती है कार्रवाई?
  4. संपत्ति जब्ती: ED द्वारा संपत्तियों को Proceeds of Crime मानकर अटैच करना।
  5. आयकर छापेमारी: Income Tax Department द्वारा अघोषित आय और खर्चों की जांच।
  6. PMLA केस: IPC या SC/ST Act के तहत दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करना।
  7. बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई: फर्जी नामों पर दर्ज संपत्तियों को जब्त करना।
    स्थानीय प्रतिक्रिया
    स्थानीय आदिवासी समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मग्गू सेठ की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच हो। एक कार्यकर्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम के दुरुपयोग का मामला है। अगर जांच नहीं हुई, तो यह अन्य अपराधियों को प्रोत्साहन देगा।”
    आगे क्या?
    फिलहाल, पुलिस और ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मग्गू सेठ के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। यदि जांच शुरू होती है, तो यह रायगढ़ में आपराधिक गतिविधियों और अवैध संपत्ति अर्जन के खिलाफ एक बड़ा कदम हो सकता है।

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