October 14, 2026

बारिश के बहाने स्कूल बंद? उपस्थिति रजिस्टर में 13 शिक्षक, मौके पर सिर्फ दो शिक्षिकाएं

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेंदर में उपस्थिति और स्कूल संचालन पर उठे सवाल

गरियाबंद/फिंगेश्वर। फिंगेश्वर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेंदर में शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय संचालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। 17 अगस्त को दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे मीडिया टीम विद्यालय पहुंची। इस दौरान उपस्थिति रजिस्टर में 13 शिक्षक उपस्थित दर्ज बताए गए, जबकि मौके पर केवल दो शिक्षिकाएं मौजूद मिलीं।

जानकारी के अनुसार विद्यालय में माध्यमिक और हायर सेकेंडरी कक्षाओं का संचालन एक साथ होता है और कुल 15 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत बताए गए हैं। इनमें से दो शिक्षकों के अवकाश पर होने की जानकारी सामने आई। ऐसे में सवाल है कि जब 13 शिक्षक उपस्थित दर्ज थे, तो दोपहर 3:30 बजे विद्यालय परिसर में अधिकांश शिक्षक मौजूद क्यों नहीं थे?

विद्यार्थियों को जल्दी छुट्टी, शिक्षकों की मौजूदगी पर सवाल

बताया गया कि बारिश के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति कम थी। विद्यार्थियों को भोजन कराने के बाद करीब 1 से 1:30 बजे के बीच छुट्टी दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, विद्यार्थियों की छुट्टी के बाद शिक्षकों को विद्यालय से जाने की अनुमति थी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका।

यदि शिक्षकों को विद्यालय छोड़ने की अनुमति दी गई थी, तो अनुमति किस अधिकारी या प्रभारी प्राचार्य द्वारा दी गई? और यदि अनुमति नहीं थी, तो उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद शिक्षक विद्यालय में क्यों मौजूद नहीं थे? यही सवाल अब चर्चा में है।

उपस्थिति रजिस्टर और मौके की स्थिति में अंतर

मामले में सबसे अहम सवाल उपस्थिति रजिस्टर को लेकर है। रजिस्टर में 13 शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होने की जानकारी है, लेकिन मीडिया टीम को मौके पर केवल दो शिक्षिकाएं मिलीं।

कुछ शिक्षकों के सुबह विद्यालय आने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि शिक्षक विद्यालय से किस समय रवाना हुए और क्या उन्होंने विद्यालय छोड़ने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति ली थी।

प्रभारी प्राचार्य के जवाब से स्थिति स्पष्ट नहीं

मामले में प्रभारी प्राचार्य मेघा ठाकरे से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। हालांकि, बच्चों और शिक्षकों की कम संख्या तथा कार्यालय जाने से संबंधित बातें सामने आईं, लेकिन अधिकांश शिक्षकों की उस समय विद्यालय में अनुपस्थिति को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी।

बायोमेट्रिक और ऑनलाइन उपस्थिति की जांच जरूरी

अब सवाल यह भी है कि विद्यालय में बायोमेट्रिक अथवा ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू है तो 17 अगस्त की डिजिटल उपस्थिति क्या बताती है।

पूरे मामले की निष्पक्ष तस्वीर सामने लाने के लिए शिक्षा विभाग को उस दिन के—

  • उपस्थिति रजिस्टर
  • ऑनलाइन/बायोमेट्रिक उपस्थिति
  • शिक्षकों के अवकाश आवेदन
  • विद्यालय छोड़ने की अनुमति
  • स्कूल संचालन से संबंधित आदेश

का मिलान करना चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकता है कि शिक्षक वास्तव में किस समय विद्यालय में मौजूद थे और किस समय विद्यालय से रवाना हुए।

शिक्षा व्यवस्था पर निगरानी को लेकर भी सवाल

एक ओर ग्रामीण और पालक अपने बच्चों के लिए बेहतर विद्यालय भवन और शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शासकीय विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर इस तरह के सवाल सामने आना शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

बड़ा सवाल: 13 शिक्षक उपस्थित थे तो बाकी कहां गए?

17 अगस्त को दोपहर करीब 3:30 बजे यदि उपस्थिति रजिस्टर में 13 शिक्षक उपस्थित दर्ज थे, तो विद्यालय परिसर में केवल दो शिक्षिकाएं क्यों मिलीं?

क्या शिक्षकों को विद्यालय छोड़ने की अनुमति दी गई थी?
यदि अनुमति दी गई थी, तो किस अधिकारी ने दी?
क्या डिजिटल उपस्थिति और रजिस्टर की जांच होगी?
क्या संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा?

इन सवालों का जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल सेंदर स्कूल में सामने आई यह स्थिति विद्यालयों में उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े करती है।

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