September 27, 2026

बीमा खत्म होने के बावजूद सड़क पर दौड़ रहा था हाइवा? देऊरमाल में हादसे ने उठाए कई गंभीर सवाल

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रायगढ़ छाल। छाल थाना अंतर्गत ग्राम देऊरमाल के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में हाइवा वाहन क्रमांक CG 12 S 6281 की ठोकर से स्कूटी सवार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद हाइवा चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद छाल पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

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इस हादसे के बीच अब वाहन के बीमा (Insurance) की वैधता को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार हादसे में शामिल हाइवा का इंश्योरेंस समाप्त होने के बावजूद वाहन सड़क पर दौड़ रहा था। यदि दस्तावेजों की जांच में यह बात सही पाई जाती है, तो यह परिवहन एवं वाहन निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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आर. टी. ओ. विभाग की निगरानी पर उठे सवाल

सवाल यह है कि यदि हाइवा का बीमा वास्तव में समाप्त था, तो वह वाहन सड़क पर किस तरह संचालित हो रहा था? क्या वाहन के दस्तावेजों की नियमित जांच हुई थी? क्या संबंधित ईटीओ/परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में वाहन की वैधता की जांच की गई थी?

एक तरफ नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है, वहीं दूसरी तरफ आज इसी वाहन से हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई। ऐसे में अब पूरे मामले में वाहन के फिटनेस, बीमा, परमिट, टैक्स एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच किए जाने की मांग उठना स्वाभाविक है।

छाल पुलिस की तत्परता सराहनीय

घटना की सूचना मिलते ही छाल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही घटनास्थल की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। फरार चालक की तलाश भी की जा रही है।

वहीं पोस्टमार्टम के बाद मृतक परिवार को शासन से मिलने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया तहसीलदार के माध्यम से तत्काल आगे बढ़ाई गई, ताकि दुख की इस घड़ी में परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।

अब बड़ा सवाल—जिम्मेदार कौन?

देवरमल मुड़ा की यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि वाहन दस्तावेजों की जांच और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

अगर जांच में यह प्रमाणित होता है कि दुर्घटना में शामिल हाइवा का बीमा समाप्त था और इसके बावजूद वाहन सड़क पर संचालित हो रहा था, तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित वाहन मालिक/चालक तथा नियमों की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।

एक परिवार का सदस्य चला गया, अब जांच में यह भी सामने आना जरूरी है कि नियमों को दरकिनार कर वाहन सड़क पर कैसे दौड़ रहा था।

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