September 26, 2026

छत्तीसगढ़ में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग तेज, अभाविप ने हड़ताल को दिया समर्थन

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अभाविप बोली—अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है स्टाइपेंड, सरकार इंटर्न डॉक्टरों से संवाद कर निकाले समाधान

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रायपुर, 9 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में MBBS इंटर्न (प्रशिक्षु) डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने समर्थन दिया है। प्रदेश के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।

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इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों, कार्यभार और प्रशिक्षण की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। साथ ही, अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड की तुलना में छत्तीसगढ़ की राशि काफी कम है।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाला स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों, कार्यभार और प्रशिक्षण की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। साथ ही, अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड की तुलना में छत्तीसगढ़ की राशि काफी कम है।

कई मेडिकल कॉलेजों में विरोध प्रदर्शन

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, सिम्स बिलासपुर, रायगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टरों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा रहा है। डॉक्टर पिछले कई दिनों से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित कर रहे थे। मांगों पर समाधान नहीं होने के बाद अब इंटर्न डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

अभाविप ने कहा—इंटर्न डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा

अभाविप का कहना है कि MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्न डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और विभिन्न चिकित्सकीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियों और कार्यभार को ध्यान में रखते हुए उन्हें सम्मानजनक एवं उचित स्टाइपेंड मिलना चाहिए।

अभाविप प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि MBBS इंटर्न डॉक्टर केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि वे अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कठिन परिस्थितियों में भी वे मरीजों की सेवा और चिकित्सकीय दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्टाइपेंड इंटर्न डॉक्टरों की जिम्मेदारियों और कार्यभार के अनुरूप नहीं है। अभाविप इंटर्न डॉक्टरों की मांग का पूर्ण समर्थन करती है और सरकार से मांग करती है कि अन्य राज्यों में दिए जा रहे स्टाइपेंड का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी इंटर्न डॉक्टरों को सम्मानजनक एवं उचित स्टाइपेंड दिया जाए।

अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ का स्टाइपेंड कम

अभाविप के अनुसार, छत्तीसगढ़ में MBBS इंटर्न डॉक्टरों को वर्तमान में ₹15,900 प्रति माह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। वहीं, ओडिशा में लगभग ₹44,000, पश्चिम बंगाल में करीब ₹43,000 और झारखंड में लगभग ₹25,000 प्रति माह स्टाइपेंड मिलने का दावा किया गया है।

इसी अंतर को लेकर छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टरों में लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। डॉक्टरों की मांग है कि राज्य सरकार अन्य राज्यों के समान स्तर पर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करे।

सरकार से संवाद की पहल करने की मांग

अभाविप ने सरकार से अपील की है कि छात्रहित से जुड़े इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ पहल की जाए। संगठन का कहना है कि इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग शासन के समक्ष रखते आ रहे हैं। ऐसे में उनकी मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनके साथ संवाद स्थापित करना चाहिए।

अभाविप प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि सरकार को सकारात्मक पहल करते हुए इंटर्न डॉक्टरों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि उनकी जायज मांगों पर उचित निर्णय हो सके और प्रदेश की चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित न हों।

अभाविप ने छत्तीसगढ़ शासन से मांग की है कि अन्य राज्यों के स्टाइपेंड का अध्ययन कर प्रदेश के MBBS इंटर्न डॉक्टरों के लिए उचित एवं सम्मानजनक स्टाइपेंड सुनिश्चित किया जाए और जल्द संवाद के माध्यम से हड़ताल समाप्त कराने की पहल की जाए।

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