August 8, 2026

गरियाबंद में डॉक्टरों को मेडलेपर पोर्टल का विशेष प्रशिक्षण, अब MLC और पोस्टमार्टम रिपोर्ट होंगी ऑनलाइन

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जिला ब्यूरो चीफ  -ओंकार शर्मा

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्यशाला में डिजिटल रिपोर्टिंग की प्रक्रिया समझाई गई, जांच और न्यायिक प्रक्रिया होगी अधिक तेज व पारदर्शी।

गरियाबंद। जिले में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय को और अधिक मजबूत, पारदर्शी एवं त्वरित बनाने की दिशा में शुक्रवार को जिला अस्पताल गरियाबंद के सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पताल के चिकित्सकों को मेडलेपर (MedLeaPR) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन मेडिको-लीगल केस (MLC) एवं पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों को पोर्टल पर लॉगिन, ऑनलाइन एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट भरने, लाइव डेटा एंट्री, डिजिटल हस्ताक्षर तथा रिपोर्ट सबमिट करने की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। साथ ही पोर्टल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई और उपस्थित चिकित्सकों की शंकाओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

कार्यशाला में प्रशिक्षण देने वाले डॉ. सुनील रेड्डी ने बताया कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया अधिक सरल, सुरक्षित और समयबद्ध होगी। इससे जांच एजेंसियों को समय पर प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध होंगे तथा न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।

पुलिस अधीक्षक गरियाबंद की ओर से बताया गया कि मेडलेपर पोर्टल के उपयोग से कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, मेडिकल एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य अधिक सुरक्षित और त्रुटिरहित रहेंगे।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन, पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:

  • जिले के सभी डॉक्टरों को मेडलेपर पोर्टल का प्रशिक्षण।
  • अब MLC और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन तैयार होंगी।
  • डिजिटल प्रक्रिया से जांच और न्यायिक कार्यवाही में आएगी तेजी।
  • पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय होगा अधिक मजबूत।
  • कागजी प्रक्रिया कम होगी, रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेंगे।

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