कार्ययोजना पर घमासान: 10 जनपद सदस्यों के बहिष्कार से बरमकेला की सियासत गरम बहुमत से प्रस्ताव पारित, विरोध करने वाले सदस्यों की भूमिका पर सवाल; क्षेत्र से बाहर कार्य स्वीकृति को लेकर भी उठे सवाल
1 min read

बरमकेला। जनपद पंचायत बरमकेला में 16वें वित्त आयोग की कार्ययोजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बैठक में भाजपा समर्थित बताए जा रहे 10 जनपद सदस्यों के बैठक से बाहर चले जाने के बाद मौजूद सदस्यों के बहुमत के आधार पर कार्ययोजना का प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है। अब इसी मामले को लेकर जनपद अध्यक्ष डा विद्या किशोर चौहान के नाम से वित्त मंत्री ओपी चौधरी के समक्ष शिकायत किए जाने की चर्चा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कार्ययोजना में आपत्ति थी तो बैठक में मौजूद रहकर बिंदुवार विरोध क्यों नहीं किया गया? लोकतांत्रिक व्यवस्था में बैठक का मंच ही अपनी बात रखने और प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने का माध्यम है। ऐसे में बैठक से बाहर चले जाने के बाद बहुमत से प्रस्ताव पारित होना अब पूरे मामले को और विवादित बना रहा है।‘
कमीशन’ के आरोपों की जांच जरूरी

वहीं, कुछ जनपद सदस्यों द्वारा अपने क्षेत्र के बजाय दूसरे क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना की राशि प्रस्तावित किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि इससे संबंधित क्षेत्र की जनता के हिस्से के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं और इसके पीछे कथित कमीशन का खेल हो सकता है। हालांकि, कमीशन लिए जाने के आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकती है। इसलिए अब सवाल यह है कि कार्ययोजना में किस जनपद सदस्य के क्षेत्र की कितनी राशि, किस ग्राम पंचायत में और किस आधार पर प्रस्तावित की गई है?
10 सदस्यों के विरोध पर भी सवाल

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इन्हीं 10 जनपद सदस्यों द्वारा बैठक में कोरम पूरा नहीं होने देने कि मनसा से कोरम पूर्ति का हवाला देते हुए बैठक में शामिल नहीं होने की स्थिति बनी थी। वहीं तीन जनपद सदस्यों के लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने के बावजूद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हुई या नहीं, यह भी सवालों के घेरे में है।अब जबकि कार्ययोजना आगे बढ़ चुकी है, जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुने गए जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता अपने-अपने क्षेत्र का विकास है या राजनीतिक खींचतान?
सीईओ की भूमिका पर भी सवाल
पूरे विवाद में जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। कार्ययोजना तैयार करने से लेकर सदस्यों की आपत्तियों, बैठक की प्रक्रिया, अनुपस्थित सदस्यों और प्रस्ताव पारित होने तक की पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।खासकर यह स्पष्ट होना चाहिए कि बैठक में कितने सदस्य उपस्थित थे, कितने सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, किस सदस्य ने विरोध किया और किन जनपद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया और लगातार अनुपस्थित जनपद सदस्य पर भी कोई नोटिस नहीं ।
मंत्री ने कहा—‘मिलकर चलो’, लेकिन सवाल बरकरार

विवाद को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के समक्ष शिकायत पहुंचने की बात सामने आई है। मंत्री की ओर से सभी को मिलकर चलने की बात कहे जाने की चर्चा है। लेकिन अब सवाल यह है कि जब विकास की कार्ययोजना पर चर्चा का अवसर बैठक में मौजूद था, तब विरोध करने वाले सदस्य बैठक से बाहर क्यों चले गए?जनता ने जनपद सदस्यों को क्षेत्र के विकास के लिए चुना है। ऐसे में यदि किसी कार्ययोजना में गड़बड़ी या पक्षपात है तो उसे बैठक के भीतर दस्तावेज और तथ्यों के साथ सामने रखना चाहिए। सिर्फ बैठक का बहिष्कार करने से सवाल खत्म नहीं होते, बल्कि सवाल और गहरे हो जाते हैं।अब जरूरत है कि पूरी कार्ययोजना सार्वजनिक हो, प्रत्येक जनपद सदस्य के क्षेत्र में स्वीकृत कार्यों की सूची सामने आए और क्षेत्र से बाहर प्रस्तावित कार्यों का आधार भी स्पष्ट किया जाए। बरमकेला में अब लड़ाई सिर्फ 10 बनाम 15 की नहीं, बल्कि सवाल यह है कि विकास की राशि का फैसला किस आधार पर हुआ और उसका वास्तविक लाभ किस क्षेत्र की जनता को मिलेगा?
बैठक का विरोध करने वाले 10 जनपद सदस्यों कि कार्ययोजना
आंनद सा -लुकापारा मे ढाई लाख, ठेंगागुड़ी मे 2 लाख, सांकारा मे 2लाख का कार्ययोजना दिया,
विश्वदेव भोई- पूरेनपाली मे 4 लाख, ढाई लाख डोंगरी पाली,
अनिता प्रधान -भठली मे 2 लाख सुरसी मे ढाई लाख और पोरथ मे 2 लाख, तुलसी पटेल ने – शकरतूँगा मे 2 लाख 40 हजार, धौरा दरहा मे 2 लाख, बीजामाला मे 2 लाख, लक्ष्मी चरण सिदार – झाल मे 2 लाख 20 हजार, हट्टपाली मे 2 लाख 20 हजार छेलभांठा तरकेला पंचायत मे 2 लाख, राधा सिदार – डभरा मे 6 लाख 40 हजार, कौशल्या नायक – बार मे 6 लाख 20 हजार, रजनी एक्का – डभरा मे 2 लाख 40 हजार, दूसरे क्षेत्र पिपरखूंटा मे 2 लाख,दूसरे क्षेत्र तरकेला पंचायत के छेलभांठा मे 2 लाख, चंदा मिरि – गोबरसिंहा मे 5 लाख 20 हजार कतंगपाली अ मे 60 हजार, मूंगलिपाली मे 60 हजार, गणेशी चौहान – नावापाली मे एक लाख, सिंघारी मे 2 लाख, दूसरे क्षेत्र बोरे पंचायत मे एक लाख, दूसरे क्षेत्र डुमरपाली मे 2 लाख 40 हजार, राधा सिदार – डभरा मे 6 लाख 40 हजार दीपमाला जांगड़े – कंडोला मे 4 लाख जलगढ़ मे 2 लाख 40 हजार कार्ययोजना दिया गया है
![]()

