बिजली की बदहाल व्यवस्था पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 2 दिन का अल्टीमेटम — सुधार नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
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पसान-कोरबा। ग्राम पंचायत पसान में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। कई दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के दिन और रात में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को तहसीलदार पसान को ज्ञापन सौंपते हुए विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पूरे गांव के लोग उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव में लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। रात के समय लंबे समय तक बिजली गुल रहने से गांव में अंधेरा छा जाता है, जिससे चोरी की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है। बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में उपयोग होने वाले आवश्यक मेडिकल उपकरण भी बिजली नहीं रहने के कारण बंद हो जाते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की शिकायत कई बार स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली से लोगों में भारी नाराजगी है।
ज्ञापन के माध्यम से समस्त ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि दो दिनों के भीतर नियमित एवं सुचारु बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो गांव के लोग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी विद्युत वितरण विभाग एवं संबंधित सहायक अभियंता की होगी।

यह ज्ञापन समस्त ग्रामवासी पसान एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से सौंपा गया है, जिसमें वार्ड क्रमांक 04 की पंच रजनी निर्मलकर, ग्राम पंचायत पसान के पंचगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर शामिल हैं।
मुख्य बातें
- लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
- तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधार की मांग।
- बच्चों की पढ़ाई, मरीजों और आम जनजीवन पर पड़ रहा गंभीर असर।
- बिजली विभाग पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप।
- 2 दिन का अल्टीमेटम, अन्यथा पूरे गांव में आंदोलन की चेतावनी।
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