May 5, 2026

जंगल से सटे खेत में तेंदुए का हमला: ग्रामीण गंभीर घायल, इलाके में दहशत का माहौल

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तिलईदादर बीट की घटना, सुबह खेत गए ग्रामीण पर अचानक झपट्टा—साहस से बची जान, वन विभाग पर उठे सवाल

जिला ब्यूरो चीफ  -ओंकार शर्मा

गरियाबंद /छुरा

पाण्डुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत तिलईदादर बीट से एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है। जंगल से लगे खेत में काम करने गए एक ग्रामीण पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। इस हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया, हालांकि उसकी सूझबूझ और हिम्मत से उसकी जान बच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गिधनी निवासी तुलसी राम ठाकुर आज सुबह करीब 7 बजे अपने खेत की ओर गए थे। खेत के समीप घना जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण वहां जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। इसी दौरान अचानक एक तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर उन पर टूट पड़ा।

हमले में तुलसी राम ठाकुर के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घायल अवस्था में उन्होंने किसी तरह खुद को बचाया और तत्काल अपने परिजनों को सूचना दी। परिजनों द्वारा उन्हें तुरंत छुरा उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

इलाके में दहशत, ग्रामीणों में आक्रोश

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली जानवरों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जान-माल को खतरा बना हुआ है।

विशेष रूप से इन दिनों तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य चल रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण रोजाना जंगल की ओर जाते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं और भी चिंताजनक बन गई हैं।

वन विभाग पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो ऐसे हमले और बढ़ सकते हैं। उन्होंने नियमित गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

वन विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल ग्रामीण से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि के रूप में ₹1000 प्रदान किए गए हैं।

साथ ही ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और सतर्कता बरतें।

स्थिति पर नजर

फिलहाल गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि वन विभाग इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से प्रभावी कदम उठाता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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