October 14, 2026

सरपंच की पत्नी को मजदूरी भुगतान! ग्राम पंचायत सोनगुड़ा में पंचायती राज नियमों की अनदेखी का आरोप, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

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जिला शक्ति ग्राम पंचायत सोनगुड़ा। ग्राम पंचायत सोनगुड़ा में मजदूरी भुगतान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा सरपंच की पत्नी श्रीमती उमा भाई कोसले के नाम पर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। यदि अभिलेखों में यह भुगतान इसी प्रकार दर्ज है और सरपंच की पत्नी को पंचायत के कार्यों में मजदूर के रूप में भुगतान किया गया है, तो मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरपंच के परिवार के सदस्य के नाम पर मजदूरी भुगतान किस आधार पर किया गया? भुगतान से पहले संबंधित अधिकारियों ने हितों के टकराव तथा पंचायती राज व्यवस्था के प्रावधानों का परीक्षण किया था या नहीं?

मामले में सरपंच, सचिव तथा भुगतान प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार कर्मचारियों/अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले संबंधित मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान सूची, कार्यादेश, माप पुस्तिका, बैंक भुगतान विवरण एवं पंचायत के प्रस्ताव/अभिलेख की जांच जरूरी है।

यदि जांच में यह साबित होता है कि पद का प्रभाव रखते हुए अपने ही परिवार के सदस्य को अनुचित तरीके से पंचायत निधि से लाभ पहुंचाया गया, तो यह मामला केवल मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हितों के टकराव और पंचायत निधि के दुरुपयोग के गंभीर सवाल खड़े करेगा।

कौन-कौन हो सकते हैं जांच के दायरे में?

  • ग्राम पंचायत के सरपंच
  • ग्राम पंचायत के सचिव
  • मजदूरी भुगतान/मस्टर रोल तैयार करने वाले संबंधित कर्मचारी
  • भुगतान को सत्यापित अथवा स्वीकृत करने वाले संबंधित अधिकारी
  • कार्य की तकनीकी जांच/माप से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी
  • यदि किसी अन्य स्तर पर अनुमोदन हुआ है तो संबंधित अधिकारी

अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल

क्या सरपंच की पत्नी वास्तव में उक्त कार्य में मजदूर के रूप में कार्यरत थीं?
किस मस्टर रोल में उनका नाम दर्ज है?
कितने दिनों की मजदूरी और कितनी राशि का भुगतान हुआ?
मस्टर रोल का सत्यापन किसने किया?
भुगतान किस अधिकारी/कर्मचारी की स्वीकृति से हुआ?
क्या इस पूरे मामले में पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का पालन किया गया?

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सक्षम प्रशासनिक अधिकारी से रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भुगतान नियमों के अनुरूप हुआ है या वास्तव में नियमों का उल्लंघन किया गया है।

सच का खुलासा न्यूज की पड़ताल का सवाल:
“जब पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही की बात होती है, तो सरपंच के परिवार के सदस्य के नाम पर मजदूरी भुगतान आखिर किस नियम के तहत किया गया?”

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