March 29, 2026

बुदबुदा में जल जीवन मिशन के कार्यों में अनियमितता उजागर, तकनीकी जांच में 13 बिंदुओं पर मिली गड़बड़ी, अधिकारी ने पानी टंकी तोड़कर पुनःर्निर्माण का दिया आश्वासन..

1 min read
Spread the love

सारंगढ़-बिलाईगढ़ // जल जीवन मिशन के तहत सरिया तहसील के ग्राम बुदबुदा में बने पानी टंकी और पाइपलाइन निर्माण कार्य में अनियमितताओं का मामला अब गंभीर हो गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय को की गई शिकायत के बाद जांच शुरू हुई थी, जिसमें तकनीकी टीम ने 13 बिंदुओं पर खामियां पाई हैं। रिपोर्ट के बाद विभाग ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है और टंकी के ऊपरी हिस्से को तोड़कर दोबारा निर्माण कराने का आश्वासन दिया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय से हुई कार्रवाई

बता दें कि ग्राम बुदबुदा निवासी हेमन्त पटेल ने प्रधानमंत्री पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि जल जीवन मिशन के तहत हुए निर्माण में ठेकेदार और स्थानीय जिम्मेदारों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। परिणामस्वरूप टंकी में दरारें आ गईं और पाइपलाइन जगह-जगह से लीकेज हो रही है।

तकनीकी जांच में खुली खामियों की परत

20 अक्टूबर को तकनीकी टीम ने बुदबुदा पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में टंकी और पाइपलाइन कार्य में 13 गंभीर तकनीकी कमियां पाई गईं, जिनमें टंकी की दीवारों में सीपेज, टंकी के स्लैब की मोटाई कम होने, अधूरी मिट्टी भराई, पाइपलाइन की गलत लेवलिंग और कमजोर निर्माण सामग्री का उपयोग शामिल है।

एसडीओ खरे ने किया स्थल निरीक्षण, पंचनामा तैयार

रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को पीएचई विभाग के एसडीओ खरे बुदबुदा पहुंचे और ग्रामीणों तथा शिकायतकर्ता हेमन्त पटेल की उपस्थिति में स्थल निरीक्षण किया। जांच के बाद पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें 13 बिंदुओं पर कमियां दर्ज की गईं। अधिकारी ने मौके पर शिकायतकर्ता और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि टंकी के ऊपरी हिस्से को तोड़कर पुनर्निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया है कि अगले महीने से तोड़ने की करवाई कर जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण निर्माणकार्य करवाया जाएगा।

लेकिन सवाल अब भी बड़े हैं…
अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा तो दिलाया है, मगर अब भी कई सवाल बाकी हैं

  1. क्या शिकायत के आधार पर ठेका कंपनी का भुगतान रोका जाएगा और उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा?
  2. क्या ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों से रिकवरी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी?

सवाल कई है जिनका जवाब किसी के पास नहीं है। पर यह मामला सिर्फ एक टंकी के पुनर्निर्माण का नहीं है, सवाल सरकारी तंत्रों में हो रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता का है। विभागीय निगरानी के बिना ठेका कंपनियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से मनमाने ढंग से निर्माण कार्य किए जाते हैं, जिससे जनता के पैसे और समय दोनों की बर्बादी होती है।

ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

गांव के लोगों ने कहा कि जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक निर्माण की गलती नहीं, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का उदाहरण है।

सूत्रों के अनुसार, पीएचई विभाग अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने की तैयारी में है। अब देखना यह है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहती है या जिम्मेदारों पर वास्तव में सख्त कदम उठाए जाते हैं।

Loading

RECENT POSTS

error: Content is protected !!