September 26, 2026

एसआईआर का चोला, सियासत का खेला” — बरमकेला में वोटर लिस्ट से नाम उड़ाने का नया प्रयोग!

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बरमकेला (सारंगढ़-बिलाईगढ़):
नगर पंचायत बरमकेला में इन दिनों लोकतंत्र डिलीट बटन के सहारे चल रहा है। नाम है एसआईआर, लेकिन काम है साइलेंट वोटर रिमूवल। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस समर्थित, चिन्हांकित मतदाताओं के नाम वोटर सूची से हटाने/कटवाने के लिए बाकायदा आवेदन दिए जा रहे हैं। यानी “जिससे वोट न पड़े, उसका नाम ही न रहे”—लोकतंत्र का नया शॉर्टकट!
सूचना मिलते ही राजनीति गरमा गई। सारंगढ़ विधायक के नेतृत्व में बरमकेला के कांग्रेस कार्यकर्ता सीधे थाने पहुंच गए और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग कर डाली। शिकायत में आरोप है कि सरकारी प्रक्रिया की आड़ लेकर राजनीतिक फायदे के लिए मतदाता सूची से नाम कटवाने का प्रयास किया जा रहा है—वो भी चुनिंदा लोगों का।
अब जरा व्यंग्य समझिए—
कल तक जो लोग “सबका साथ, सबका विकास” का राग अलापते थे, आज “सबका नाम, लेकिन कुछ का ही वोट” के फॉर्मूले पर चलते दिख रहे हैं। वोटर लिस्ट सुधार के नाम पर सुधार नहीं, सफाया किया जा रहा है—वो भी पार्टी की पसंद-नापसंद के हिसाब से!
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एक के बाद एक आवेदन देकर कई मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई। सवाल यह है कि—
क्या एसआईआर अब सियासी आईआर बन गया है?
क्या वोटर सूची सुधार का मतलब विपक्ष की जड़ काटना है?
और क्या लोकतंत्र में वोट से पहले ही वोटर को आउट करना नई रणनीति है?
कांग्रेसियों का कहना है कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रुकी, तो चुनाव से पहले ही मैदान एकतरफा कर दिया जाएगा। वहीं थाने में दिए गए आवेदन के साथ नामों की सूची संलग्न कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी भी दी कि यदि इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगी, तो जनआंदोलन से लेकर कानूनी लड़ाई तक का रास्ता अपनाया जाएगा।
उधर, आम जनता भी पूछ रही है—
“जब नाम ही नहीं रहेगा, तो उंगली पर स्याही किस बात की?”
लोकतंत्र में मतदान अधिकार है, मिटाने का अधिकार किसी पार्टी के पास नहीं।
अब देखना यह है कि प्रशासन एसआईआर को सच में सुधार बनाए रखता है या राजनीति की साजिश बनने देता है। फिलहाल बरमकेला में चर्चा यही है—
वोटर लिस्ट में नाम रहेगा या राजनीति की कैंची चलेगी?
— खबर जारी है, नाम सुरक्षित है या नहीं… यह जांच के बाद पता चलेगा!

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