गोबरसिंहा में अवैध कब्जा मामला: आज शाम प्रशासनिक समय पूर्ण, क्या अब प्रशासनिक बुलडोजर चलेगी….?
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सारंगढ़-बिलाईगढ़:- ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। प्रशासन की ओर से कब्जाधारियों को दी गई अंतिम समय सीमा आज 29/09/2025 तक की थी, लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कब्जाधारियों ने अब तक भूमि खाली नहीं की है। ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर प्रशासन की अगली कार्यवाही कब होगी और क्या गांव की गलियों में प्रशासनिक बुलडोजर की गड़गड़ाहट सुनाई देने वाली है?
अवैध कब्जे की शुरुआत और विवाद
गोबरसिंहा पंचायत में शासकीय भूमि पर वर्षों से धीरे-धीरे अवैध निर्माण कार्य होते चले आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के बार-बार आपत्ति जताने के बावजूद कब्जा धारियों ने निर्माण जारी रखा। मामला तब गंभीर हुआ जब ग्राम पंचायत गोबरसिंहा के निवासी अजय साहू ने इस मुद्दे को तहसील कार्यालय तक पहुँचाया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने जांच की और कब्जाधारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए समय सीमा तय की कि 29/09/ 2025 तक शासकीय भूमि को खाली कर दें।
प्रशासन की सख्ती और कब्जा धारियों का अड़ियल रवैया
तहसील प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद कब्जाधारियों ने न तो निर्माण कार्य रोका और न ही जमीन खाली करने की पहल की। इससे यह साफ झलकता है कि कब्जाधारियों को प्रशासनिक कार्रवाई का भय नहीं है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन कठोर कदम नहीं उठाएगा, तब तक गांव में इस तरह के अवैध कब्जे रुकने वाले नहीं हैं।
समय सीमा का समापन और बढ़ती बेचैनी
जैसे-जैसे आज 29/09/ 2025 की तय समय सीमा समाप्ति की ओर बढ़ रही है, गांव में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि क्या इस बार प्रशासन बुलडोजर चलाकर शासकीय भूमि को मुक्त कराएगा या फिर मामले को लंबा खींच दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अब प्रशासन को केवल चेतावनी देने की बजाय सख्त कदम उठाना चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति शासकीय भूमि पर कब्जा करने की हिम्मत न करे।
ग्रामीणों की उम्मीदें और सवाल
ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन यदि सख्ती दिखाता है तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल होगी। कई लोग यह भी कहते हैं कि प्रशासनिक बुलडोजर की आवाज सुनाई देना अब सिर्फ समय की बात है। वहीं कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी स्पष्ट चेतावनी के बाद भी कब्जाधारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कहीं यह मामला भी कागजों में ही न सिमट जाए, इस आशंका से भी ग्रामीण चिंतित हैं।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
प्रशासनिक अधिकारियों के सामने यह मामला अब परीक्षा की घड़ी बन गया है। यदि कब्जाधारियों पर समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कार्यवाही नहीं होती है तो इससे न केवल प्रशासन की साख पर असर पड़ेगा बल्कि अन्य कब्जा धारियों को भी खुली छूट मिल जाएगी। दूसरी ओर यदि बुलडोजर की कार्यवाही होती है तो यह संदेश पूरे देशभर में जाएगा कि प्रशासनिक बुलडोजर कब चलेगी और कहां चलेगी यह कहना लाजिमी होगा तथा अब शासकीय भूमि पर अवैध भूमियों सहित रसूखदार अवैध बेजाकब्जाधारीयों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में अवैध कब्जे का यह मामला केवल एक गांव का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए नजीर है। प्रशासन द्वारा दी गई 29/09/2025 की समय सीमा समाप्त होने को है और अब सबकी निगाहें प्रशासनिक बुलडोजर पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि आने वाले दिनों में गोबरसिंहा में शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए बुलडोजर की गूंज कितनी जल्दी सुनाई देती है।
👉 अब सवाल यही है: क्या प्रशासन अपनी बात पर अमल करते हुए कब्जा धारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करेगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह लंबित फाइलों की भीड़ में दब जाएगा….?
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