आकस्मिक निरीक्षण में उजागर हुई व्यवस्थाओं की सच्चाई : आंगनबाड़ी केंद्र बंद, शाला में जर्जर रसोई भवन और अधूरी बाउंड्री वॉल
1 min read

बरमकेला, 18 सितंबर 2025/जनपद पंचायत बरमकेला के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती गणेशी चौहान एवं शिक्षा समिति की सदस्या द्वारा गुरुवार को भंवरपुर पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भंवरपुर तथा शासकीय प्राथमिक शाला भंवरपुर का था। निरीक्षण के दौरान कई सकारात्मक बिंदुओं के साथ-साथ कई गंभीर कमियां भी सामने आईं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
आंगनबाड़ी केंद्र बंद, मिनी आंगनबाड़ी संचालित

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र भंवरपुर बंद था, जिससे लाभान्वित होने वाले छोटे बच्चों की सेवाएं प्रभावित हुईं। वहीं, दूसरी ओर मिनी आंगनबाड़ी केंद्र भंवरपुर पूरी तरह संचालित मिला और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम में आंगनबाड़ी सेवाएं आंशिक रूप से तो चल रही हैं, किन्तु मुख्य केंद्र का बंद होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
प्राथमिक शाला का जायजा और बच्चों की परख

निरीक्षण टीम ने आगे बढ़कर शासकीय प्राथमिक शाला भंवरपुर का निरीक्षण किया। यहां पर मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, कक्षाओं का संचालन तथा शाला परिसर की साफ-सफाई को बारीकी से देखा गया। टीम ने बच्चों से सवाल-जवाब कर उनकी शिक्षा का स्तर परखा। बच्चों की उत्तर देने की क्षमता और उनकी शैक्षिक दक्षता को देखकर निरीक्षण दल ने संतोष व्यक्त किया और उनकी मेहनत तथा अध्यापकों की भूमिका की सराहना भी की।
शाला की कमियां: जर्जर रसोई भवन और अधूरी बाउंड्री वॉल
हालांकि शाला का वातावरण और बच्चों का स्तर प्रभावित करने वाला था, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां भी सामने आईं।
रसोई घर की बिल्डिंग अत्यंत जर्जर हालत में पाई गई, जिससे कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।

शाला की बाउंड्री वॉल अधूरी पाई गई, जिसके चलते विद्यालय परिसर सुरक्षित नहीं है। पशुओं एवं बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही भी प्रभावित कर सकती है।
इन दोनों कमियों को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द सुधार की आवश्यकता जताई गई।
वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती गणेशी चौहान और शिक्षा समिति की सदस्या ने “मां के नाम” से एक वृक्षारोपण भी किया। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सराहनीय है बल्कि बच्चों के बीच प्रकृति और संवेदनशीलता का संदेश देने वाला भी है।

निष्कर्ष
भंवरपुर में किए गए इस आकस्मिक निरीक्षण ने यह स्पष्ट किया कि जहां एक ओर शाला और मिनी आंगनबाड़ी का संचालन संतोषजनक पाया गया, वहीं दूसरी ओर मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र का बंद रहना और विद्यालय भवन की कमियां गंभीर चिंता का विषय हैं। शिक्षा समिति और महिला एवं बाल विकास समिति की मैडम द्वय ने संबंधित विभागों को सुधारात्मक कदम उठाने की अनुशंसा की है।
यदि इन खामियों को समय रहते दूर कर लिया जाए, तो निश्चित ही बच्चों की शिक्षा और पोषण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी। यह निरीक्षण न केवल व्यवस्था की पोल खोलने वाला रहा, बल्कि सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
![]()

