शासकीय आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में वनरक्षक की मौत, जांच में जुटी पुलिस
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जिला ब्यूरो चीफ -ओंकार शर्मा
गरियाबंद/पाण्डुका। वन परिक्षेत्र पाण्डुका में वनरक्षक के पद पर पदस्थ डिगेश्वर सिंह ठाकुर की 20 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे गायडवरी स्थित शासकीय आवास में अकेले रहते थे। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को सूचना दी गई। दरवाजा खोलने पर वे बिस्तर पर बेसुध हालत में मिले। उन्हें तत्काल शासकीय अस्पताल छुरा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, डिगेश्वर सिंह ठाकुर वन परिक्षेत्र पाण्डुका के तालेसर क्षेत्र में वनरक्षक के पद पर पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि 19 अगस्त की रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद वे अपने शासकीय आवास में सोने चले गए थे।
20 अगस्त की सुबह काफी देर तक आवास का दरवाजा नहीं खुला। इस पर वनरक्षक राहुल श्रीवास ने उनके बड़े भाई गीतमचंद ठाकुर को फोन कर जानकारी दी। सूचना मिलते ही गीतमचंद ठाकुर, लक्ष्मीकांत ठाकुर और कीर्तन ठाकुर गायडवरी स्थित शासकीय आवास पहुंचे।
परिजनों ने काफी देर तक आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दरवाजा खोलकर अंदर देखा गया तो डिगेश्वर सिंह ठाकुर बिस्तर पर बेसुध पड़े थे। उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। परिजन तत्काल उन्हें शासकीय अस्पताल छुरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वनरक्षक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण फिलहाल सामने नहीं आया है। घटना को संदिग्ध परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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