“कब्जाधारियों पर मेहरबानी, शिकायतकर्ता परेशान! गोबरसिंहा में आखिर किसका चलता है राज?”सरपंच की चुप्पी या संरक्षण? 3 साल से कब्जाधारियों पर कार्रवाई का इंतजार गोबरसिंहा में किसका संरक्षण? 3 साल से अवैध कब्जाधारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?”
1 min read

कब्जाधारियों पर मेहरबानी, शिकायतकर्ता परेशान! गोबरसिंहा में आखिर किसका चलता है राज?”

“गोबरसिंहा में न्याय या पक्षपात? कार्रवाई के बीच सरपंच पर संरक्षण के आरोप”

सारंगढ़-बिलाईगढ़/सरिया। ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में प्रशासन ने राजस्व विभाग की मौजूदगी में बेदखली की कार्रवाई की। मौके पर राजस्व निरीक्षक हेमसागर चौधरी, हल्का पटवारी शंकरलाल सिदार तथा कोटवारों का दल उपस्थित रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरमकेला थाना से 6 सदस्यीय पुलिस टीम भी प्रशासनिक आदेश के तहत तैनात रही।
कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत गोबरसिंहा के सरपंच उज्ज्वल मिरी, उपसरपंच शिव कुमार पटेल, सचिव दौलतराम जायसवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

हालांकि इस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल फिर से सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार अजय कुमार साहू का कहना है कि उन्होंने लगभग तीन वर्ष पूर्व इसी ग्राम पंचायत में चार लोगों द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जों के संबंध में शिकायत उठाई थी, लेकिन आज तक उन मामलों में किसी प्रकार की बेदखली या प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

अजय कुमार साहू का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच उज्ज्वल मिरी ने कथित कब्जाधारियों को खुला संरक्षण दिया, जिसके कारण शिकायतों के बावजूद कार्रवाई लंबित रही। उनका कहना है कि यदि यह आरोप सही हैं, तो यह पंचायत पद के दुरुपयोग और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
ग्रामीणों का भी कहना है कि यदि प्रशासन अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है, तो कार्रवाई सभी मामलों में समान रूप से होनी चाहिए। केवल चुनिंदा मामलों पर कार्रवाई और पुराने मामलों को लंबित रखना दोहरे मापदंड की आशंका पैदा करता है।
अब लोगों की नजर जिला प्रशासन पर है कि तीन वर्षों से लंबित बताए जा रहे कथित अवैध कब्जों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध भी समान कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

बड़ा सवाल:
क्या गोबरसिंहा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी के लिए समान होगी, या फिर रसूखदारों को संरक्षण मिलता रहेगा?
![]()

