September 27, 2026

14.47 लाख का चेक डेम या भ्रष्टाचार का खेल? पहली बारिश में ही खुल गई निर्माण की पोल, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

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सारंगढ़-बिलाईगढ़/बरमकेला। ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में मनरेगा मद से लगभग 14.47 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेक डेम पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। मौके की तस्वीरों में दिखाई दे रहा है कि पानी निर्धारित दिशा में रुकने के बजाय किनारे से बह रहा है तथा एक ओर मिट्टी का भराव और एप्रोच हिस्सा कटता नजर आ रहा है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर ग्रामीणों में चर्चा है।

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सूचना पट्ट के अनुसार यह कार्य 21 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 7 फरवरी 2026 को पूर्ण होना दर्शाया गया है। लेकिन तस्वीरों को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या निर्माण कार्य पूरी तकनीकी गुणवत्ता के साथ किया गया, या जल्दबाजी और लापरवाही में सरकारी राशि खर्च कर दी गई?

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ग्रामीणों का कहना है कि यदि चेक डेम का उद्देश्य जल संरक्षण और पानी रोकना था, तो पहली बारिश में ही इस प्रकार की स्थिति क्यों दिखाई दे रही है? यदि निर्माण सही तरीके से हुआ होता, तो पानी का प्रवाह नियंत्रित रहता और किनारों पर कटाव की स्थिति नहीं बनती।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या निर्माण कार्य का तकनीकी परीक्षण किया गया था? क्या गुणवत्ता की जांच के बाद ही भुगतान किया गया? यदि हां, तो फिर पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई?

इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, तकनीकी सहायक तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या घटिया गुणवत्ता पाई जाती है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग ग्रामीण कर रहे हैं।

(नोट: केवल तस्वीरों के आधार पर निर्माण में भ्रष्टाचार या लापरवाही का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। वास्तविक स्थिति का निर्धारण तकनीकी निरीक्षण और सक्षम जांच के बाद ही होगा।)

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