February 11, 2026

ड्रिप पद्धति से धान, मिर्ची की फसल से किसान मुकेश चौधरी को हो रहा प्रतिवर्ष लाख रुपये की आमदनी

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किसान की आमदनी देखकर पड़ोसी गावों के कई किसान भी कर रहें खेती

कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 16 दिसंबर 2025/जिले के विकासखंड बरमकेला के ग्राम नवापाली के एक किसान ने 14 वर्ष पूर्व नवाचार खेती अपनाने के बाद अब लगातार ड्रिप पद्धति में खेती किसानी कर रहा है और सफल कृषि उद्यमी के रुप में पहचान बना चुका है। ऐसे में धान के अलावा मिर्ची की खेती करके लाखों की कमाई कर रहा है। ग्राम नवापाली के किसान मुकेश चौधरी ने बताया कि वर्ष 2011 में दो एकड़ जमीन पर मिर्ची की पारंपरिक विधि से किया था। उस दौरान उद्यान रोपणी केन्द्र नदीगांव के तत्कालीन वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक सुरेन्द्र पटेल से मुलाकात कर ड्रिप पद्धति की खेती के बारे में जानकारी मिला। वर्ष 2013 में पहली बार बरमकेला ब्लॉक में ड्रिप पद्धति में खेती की शुरुआत की। ड्रिप के लिए खेतों को गहरी जोताई कर मेड बनाकर लोटल पाइप बिछाकर समतल किया गया। फिर मल्चिंग का उपयोग करते हुए मिर्ची के पौधों की रोपाई कर ड्रिप के माध्यम से संतुलित मात्रा में खाद, दवा व सिंचाई करने में मिर्ची की खेती को दोगुना उत्पादन आने लगा। इसके बाद धान की खेती को कम करके मिर्ची की खेती को अब 12 एकड़ जमीन पर किया जा रहा है। इससे मुकेश चौधरी को सलाना लाखों रुपए की आमदनी होने लगा है। अब क्षेत्र के खिंचरी, बांजीपाली, बेंद्रापारा, रिसोरा, नूनपानी, लिंजिर, प्रधानपुर के किसान धान की फसल के साथ मिर्ची, साग सब्जी की खेती को ड्रिप पद्धति से कर रहे हैं।

डॉ खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने पर किसान का बढ़ा उत्साह

खेती किसानी के क्षेत्र में नवाचार, जैविक व समन्वित खेती करने पर किसान मुकेश चौधरी ग्राम नवापाली को वर्ष 2021 में डॉ खूबचंद बघेल कृषक रत्न से राज्य सरकार के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। मुकेश चौधरी ने धान की फसल में जैविक खाद करने के अलावा दलहन – तिलहन में उडद, मूंग व मिर्ची की फसल लगाया था। पुरस्कार के रुप में प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो व दो लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया था। पुरस्कार से सम्मानित होने पर किसान के उत्साह और खेती कार्य में बढ़ोत्तरी हुआ है।

प्राकृतिक खेती के तीन किसान हुए बीआरसी नियुक्त

इस साल मुकेश चौधरी को कृषि विभाग की ओर से प्राकृतिक खेती हेतु बीआरसी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा टिकेश्वरी महापात्र जलाकोना और खेल कुमारी धौंरादरहा भी बीआरसी बनाए गए हैं। विभाग ने रायपुर व बरगढ़ ओडिशा से प्रशिक्षित कराकर अब ब्लॉक के जलाकोना, धौंरादरहा, करपी, जामदलखा सहित दर्जनों गांवों के किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादों से खाद व बीज उपयोग के बारे में जानकारी दे रहे है।

“किसान मुकेश चौधरी के द्वारा मिर्ची खेती के साथ प्राकृतिक खेती करते आ रहा है। किसान को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जा चुका है।”

  • बसंत नायक, कृषि अधिकारी बरमकेला

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