गोबरसिंहा में बिजली चोरी जोरों पर बदस्तूर जारी लेकिन चंद रुपए में विद्युत विभाग द्वारा तत्काल ट्रांसफार्मर दे दिया जा रहा है ऐसा क्यों और कैसे….?हीटर और अवैध बोर कनेक्शन के कारण 200 का ट्रांसफार्मर भी अपनी किस्मत को कोश रहे हैं…?*विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा एग्रीमेंट किया गया है उससे चार गुना खपत लेकिन बिजली बिल वर्षों से पेंडिंग पड़ी हुई है क्यों….?
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बरमकेला/सरिया: – सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गोबरसिंहा सब स्टेशन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग की लापरवाही के साथ ही साथ विद्युत उपभोक्ताओं के कारण 24 में कई बार ट्रांसफार्मर की डीओ कब और कितने समय कट जाते हैं कुछ भी कहा नहीं जा सकता है लेकिन ईमानदार विद्युत उपभोक्ताओं को इस कारण बहुत ही ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिनों में गोबरसिंहा बस्ती के ट्रांसफार्मर की हालत बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है और वो अपनी किस्मत पर बदस्तूर आंसु बहा रही है क्योंकि उस ट्रांसफार्मर के विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा मनमाने तरीके से घरों में हीटर और पानी खींचने वाला टुल्लू मोटर चलाई जा रही है जिस कारण रोजाना कब डीओ कट जाता है तो कभी ट्रांसफार्मर गर्म हो जाता है जिसके कारण उपरोक्त ट्रांसफार्मर को घंटों तक के लिए बंद करना पड़ता है।
विद्युत विभाग की कमजोरी कहें या फिर लापरवाही……
इस मामले में ग्रामीणों के बताए अनुसार कि जब विद्युत विभाग के पास उपभोक्ताओं द्वारा एग्रीमेंट किया हुआ एग्रीमेंट पेपर मौजूद है उसके बावजूद इस तरह की खुली छूट देना विभाग की कमजोरी को साफ दर्शाती है जबकि उनके पास अधिकार है कि वो अपने विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को भेजकर बिजली बिल को वसूली कर संबंधित उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद करे और बिजली बिल वर्षों से पेंडिंग है उनका कनेक्शन विच्छेद करने की कार्यवाही कर सकते है।
आम जनता की जागरूकता को लेकर बहस हो रही है…..
इस मामले में ग्राम पंचायत गोबरसिंहा के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल सरपंच या अन्य जनप्रतिनिधि का ही दायित्व नहीं है बल्कि आज के समय में हम सभी को दैनिक जीवन में बिजली, पानी, सड़क की महती आवश्यकता है के बावजूद आम जनता अपनी मौलिक अधिकारी को लेकर गैरजिम्मेदार है और इस मामले पर अपनी कर्तव्य को समझने के बजाय उपद्रवी लोगों का साथ दे रहे हैं जो कि आगामी दिनों के लिए बहुत ही ज्यादा चिंता का विषय है…?
इस मामले अब देखना यह है कि संबंधित विभाग के साथ ही प्रशासन मौजूदा मामले को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा…..?
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